बिहार की राजनीति में एक नई हलचल तेज हो गई है। लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार को मिला उनका नया घर अब विवाद के घेरे में आ गया है।
BJP ने आशंका जताई है कि यह घर जल्द ही जब्त किया जा सकता है।

पार्टी नेताओं का कहना है कि यह संपत्ति जांच एजेंसियों की रडार पर है। BJP ने आरोप लगाया कि घर से जुड़ी कई फाइलें अभी भी जांच के अधीन हैं।
उनका दावा है कि यदि जांच आगे बढ़ी तो परिवार को बड़ा झटका लग सकता है।
BJP प्रवक्ता ने कहा कि लालू परिवार “कानूनी संकट” से बच नहीं पाएगा। उन्होंने बताया कि संबंधित विभाग दस्तावेजों की समीक्षा कर रहे हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि अगर अनियमितताएं मिलीं तो घर का स्वामित्व रद्द या सील किया जा सकता है।
RJD ने इन दावों को “राजनीतिक बदला” करार दिया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि BJP सिर्फ डर फैलाना चाहती है।
उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार राजनीतिक दबाव के लिए जांच एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही है।
लालू परिवार के नजदीकी सूत्रों ने कहा कि घर से जुड़ी सभी कागजी कार्रवाई वैध है।
उन्होंने यह भी दावा किया कि कोई भी जांच उनकी स्थिति को कमजोर नहीं करेगी।
राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि बिहार में नई सियासी जमीन तैयार हो रही है।
घर की संभावित जब्ती के मुद्दे ने चुनावी माहौल में नई गर्मी ला दी है।
इस विवाद का असर RJD और BJP की बहसों पर साफ दिखाई दे रहा है।
सोशल मीडिया पर दोनों दलों के समर्थक अपनी-अपनी दलीलों के साथ सक्रिय हैं।
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अब नजर इस पर है कि जांच एजेंसियां आगे क्या कदम उठाती हैं।
क्या वाकई घर जब्ती की नौबत आएगी, या यह केवल राजनीतिक रणनीति है—इस पर सभी की निगाहें टिकी हैं।
