पश्चिम बंगाल की राजनीति एक बार फिर गर्म हो गई है।
सीएम ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जोरदार हमला बोला है।
मामला ‘बंकिम दा’ कहने को लेकर भड़का।

पीएम मोदी ने अपने संबोधन में बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय को ‘बंकिम दा’ कहकर संबोधित किया।
इस पर ममता बनर्जी नाराज हो गईं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री इतिहास और विरासत को तोड़-मरोड़कर पेश कर रहे हैं।
ममता ने आरोप लगाया कि यह पार्टी बंगाल की भाषा, संस्कृति और पहचान को खत्म कर देगी।
उन्होंने कहा कि बंगाल की महान विभूतियों को सम्मान के साथ याद किया जाना चाहिए।
‘बंकिम दा’ कहना परंपरा का अपमान है।
सीएम ममता ने पीएम मोदी पर राजनीति चमकाने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि बीजेपी बंगाल की भावनाओं को समझती ही नहीं।
भाषा और साहित्य पर चोट बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
तृणमूल कांग्रेस नेताओं ने भी ममता का समर्थन किया।
सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई।
कई यूजर्स ने कहा कि यह संवेदनशील मुद्दा है।
कुछ ने इसे ओवररिएक्शन बताया।
बीजेपी की प्रतिक्रिया भी सामने आई।
बीजेपी नेताओं ने कहा कि ममता बनर्जी अनावश्यक विवाद खड़ा कर रही हैं।
उनका उद्देश्य सिर्फ राजनीतिक लाभ लेना है।
उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने सम्मान के साथ ही नाम लिया था।
बंगाल की राजनीति हमेशा सांस्कृतिक प्रतीकों के इर्द-गिर्द घूमती रही है।
बंकिम चंद्र का नाम भी लोगों की भावनाओं से गहराई से जुड़ा है।
ऐसे में इस बयान पर विवाद बढ़ना स्वाभाविक माना जा रहा है।
राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि चुनावी माहौल में हर मुद्दा बड़ा हो जाता है।
भाषा, पहचान और संस्कृति के सवाल बंगाल में बेहद प्रभाव डालते हैं।
इस विवाद का राजनीतिक असर भी दिख सकता है।
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फिलहाल ममता बनर्जी अपने रुख पर कायम हैं।
उन्होंने कहा कि बंगाल की विरासत से खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा।
पीएम मोदी के बयान पर गर्म राजनीति जारी है।
