पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के रेजिनगर इलाके में बाबरी मस्जिद शैली की प्रस्तावित मस्जिद के लिए चंदा जुटाने का मामला चर्चा में है। शुरुआती गणना में 1.30 करोड़ रुपये की राशि सामने आई है, जबकि सात अन्य डोनेशन बॉक्स की गिनती अभी बाकी बताई जा रही है। इस फंड कलेक्शन ने स्थानीय से लेकर राज्यस्तरीय सियासत तक हलचल बढ़ा दी है।

रेजिनगर में कैसे जुटा चंदा
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, रेजिनगर में मस्जिद निर्माण/विकास के लिए कई स्थानों पर डोनेशन बॉक्स लगाए गए थे। अब तक जिन बॉक्सों की गिनती हुई है, उनसे 1.30 करोड़ रुपये मिले हैं। समिति का दावा है कि शेष सात बॉक्स खुलने के बाद कुल राशि और बढ़ सकती है। चंदा मुख्यतः स्थानीय लोगों और समर्थकों से मिला बताया जा रहा है।
प्रशासन और सियासत की नजर
मामला सामने आने के बाद प्रशासन भी सतर्क है। अधिकारियों का कहना है कि दस्तावेज़, सोर्स ऑफ फंड और उपयोग की जानकारी ली जा रही है ताकि किसी तरह की अनियमितता न हो। विपक्षी दल पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं, जबकि समर्थक इसे धार्मिक-समुदायिक सहयोग बता रहे हैं।
विवाद और प्रतिक्रियाएं
नाम और शैली को लेकर पहले से ही बहस चल रही है। कुछ समूहों ने इसे संवेदनशील मुद्दा बताते हुए शांति बनाए रखने की अपील की है। वहीं, आयोजकों का कहना है कि पूरा काम कानूनी दायरे में और स्थानीय नियमों के मुताबिक किया जा रहा है।
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आगे क्या
प्रशासन ने संकेत दिया है कि शेष बॉक्स की गिनती पूरी होने के बाद विस्तृत रिपोर्ट सार्वजनिक की जा सकती है। तब तक इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए निगरानी बढ़ाई गई है।
