पटना पुस्तक मेला 2025 इस बार किताबों की विविधता के साथ-साथ एक अनोखी वजह से चर्चा में रहा। मेले में दुनिया की सबसे महंगी किताबों में शामिल एक पुस्तक ने लोगों को हैरान कर दिया। इस किताब की कीमत करीब 15 करोड़ रुपये बताई जा रही है और मेले में इसकी 3 कॉपियां प्रदर्शित की गई हैं।

इस दुर्लभ किताब का नाम ‘ब्रह्म मुहूर्त’ बताया जा रहा है। दावा है कि यह किताब केवल पढ़ने के लिए नहीं, बल्कि आध्यात्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर के रूप में तैयार की गई है। इसमें अत्यंत दुर्लभ पांडुलिपियों, प्राचीन ग्रंथों के संदर्भ, खास तरह की स्याही और कीमती धातुओं का इस्तेमाल किया गया है, जिससे इसकी कीमत आसमान छू रही है।

क्यों है इतनी महंगी?

जानकारी के मुताबिक, इस किताब के पन्ने खास तरह के मटीरियल से बने हैं। इसके कवर में सोने-चांदी की परत और दुर्लभ रत्नों का प्रयोग किया गया है। साथ ही, इसे सीमित संस्करण में तैयार किया गया है, जिससे इसकी विशिष्टता और बढ़ जाती है। यही वजह है कि इसे दुनिया की सबसे महंगी किताबों की श्रेणी में रखा जा रहा है।

देखने वालों की लगी भीड़

भले ही आम पाठक इसे खरीदने के बारे में सोच भी नहीं सकता, लेकिन इसे देखने और इसके बारे में जानने के लिए बड़ी संख्या में लोग स्टॉल पर पहुंच रहे हैं। किताब प्रेमियों के साथ-साथ छात्र, शोधार्थी और पर्यटक भी इसकी फोटो खींचते नजर आए।

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पटना बुक फेयर की बढ़ी प्रतिष्ठा

इस महंगी किताब ने न सिर्फ मेले की रौनक बढ़ाई है, बल्कि पटना बुक फेयर को राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में ला दिया है। आयोजकों का कहना है कि ऐसी दुर्लभ कृतियां लोगों में पढ़ने और किताबों के प्रति जिज्ञासा बढ़ाती हैं।

By ARPITA SARKAR

पत्रकारिता में करीब 2 साल का अनुभव रखने वाली अर्पिता सरकर, वर्तमान में लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में BJMC की छात्रा हैं। उन्होंने कंटेंट राइटिंग और स्क्रिप्ट राइटिंग में दो साल काम किया है, विभिन्न डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म पर लेख व वीडियो स्क्रिप्ट तैयार की हैं। अर्पिता भारतीय राजनीति, सामाजिक मुद्दे और क्राइम रिपोर्टिंग पर पैनी नजर रखती हैं।

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