मुंबई। सोशल मीडिया पर Payal Gaming के नाम से एक आपत्तिजनक वीडियो वायरल हो रहा है। यह वीडियो दावा करता है कि इसमें दिख रही लड़की पायल गेमिंग हैं, लेकिन महाराष्ट्र पुलिस ने इसे पूरी तरह फर्जी और डीपफेक वीडियो बताया है। पायल गेमिंग ने भी मामले में साइबर सेल में शिकायत दर्ज करवाई है।

पुलिस ने आधिकारिक बयान में कहा कि वायरल वीडियो AI तकनीक से बनाया गया है और इसका Payal Gaming से कोई संबंध नहीं है। एडवांस टेक्नोलॉजी टूल्स की मदद से जांच करने पर यह पुष्टि हुई कि वीडियो में छेड़छाड़ और फर्जीपन है।

पायल गेमिंग, जिनका असली नाम पायल धरे है, गेमिंग जगत की एक प्रमुख शख्सियत हैं। इंस्टाग्राम और अन्य सोशल प्लेटफॉर्म पर उनके लाखों फॉलोअर्स हैं। जब यह कथित MMS वायरल हुआ, तो उनके फैंस ने तुरंत इसे फर्जी बताते हुए पायल का समर्थन किया।

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कानून क्या कहता है?

महाराष्ट्र पुलिस ने चेतावनी दी है कि इस वीडियो को बनाने या शेयर करने वाले पर आईटी एक्ट की धारा 67 के तहत कार्रवाई की जाएगी। इस धारा के अंतर्गत दोषी को 3 साल तक की जेल और 5 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है।

पुलिस ने सभी सोशल मीडिया यूज़र्स से आग्रह किया है कि वायरल वीडियो को किसी भी हालत में शेयर न करें और तुरंत डिलीट कर दें। फर्जी वीडियो फैलाना न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि प्रभावित व्यक्ति की प्रतिष्ठा को भी नुकसान पहुंचा सकता है।

इस घटना ने एक बार फिर डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर डीपफेक वीडियो और साइबर सुरक्षा की गंभीरता को उजागर किया है। विशेषज्ञों के अनुसार, वायरल वीडियो को बिना पुष्टि किए साझा करना गंभीर परिणाम ला सकता है।

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