
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रशीद अलीवी ने सामाजिक और राजनीतिक मंच पर एक सवाल उठाया है, जो राष्ट्रीय गोष्ठियों में चर्चा का विषय बन गया है। उन्होंने पूछा कि अगर सभी मुस्लिमों को हिंदू मान लिया जाए, तो क्या कोई व्यक्ति आरएसएस RSS (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) प्रमुख बन सकता है? इस तंज में उन्होंने सामाजिक पहचान और धार्मिक स्वतंत्रता के सवाल को उभारा है।
अलीवी के बयान का मकसद समुदाय आधारित विवादों को चुनौती देना बताया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि व्यक्तियों के धर्म को लेकर विवादित टिप्पणियाँ सामाजिक सामंजस्य को प्रभावित कर सकती हैं। राजनीतिक पार्टियों और विशेषज्ञों ने इस बयान पर अपनी प्रतिक्रियाएँ भी दी हैं।
