बंगाल में SIR फॉर्म भरने की रफ्तार तेज, मुस्लिम बहुल इलाकों में सबसे ज्यादा हलचल
पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर माहौल गर्म है।
मुस्लिम बहुल इलाकों में गणना फॉर्म जमा करने की प्रक्रिया बेहद तेज है।
सीमावर्ती इलाकों में भी लोगों की भीड़ बढ़ रही है।
राज्य में यह पूरा मामला राजनीतिक रंग ले चुका है।
भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के दावों में जबरदस्त टकराव नजर आ रहा है।

मुस्लिम बहुल इलाकों में अभियान सबसे तेज
जंगीपुर, मुर्शिदाबाद और सीमा से सटे क्षेत्रों में लोग बड़ी संख्या में फॉर्म जमा कर रहे हैं।
स्थानीय प्रतिनिधि घर-घर जाकर लोगों को नाम बनाए रखने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
इन इलाकों में मतदाता सूची से नाम कटने को लेकर चिंता भी देखी जा रही है।
दूसरी ओर, कई गैर-मुस्लिम क्षेत्रों में अब भी उदासीनता बनी हुई है।
अधिकांश लोग प्रक्रिया को लेकर बहुत सक्रिय नहीं दिख रहे।
भाजपा के दावे, TMC का पलटवार
भाजपा का कहना है कि SIR प्रक्रिया में एक करोड़ से ज्यादा नाम हट सकते हैं।
उनके अनुसार, “सीमा पार घुसपैठियों” के नाम अब लिस्ट से बाहर होंगे।
तृणमूल कांग्रेस इन दावों को खारिज कर रही है।
उनका कहना है कि भाजपा अनावश्यक डर फैलाने की कोशिश कर रही है।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी जल्द ही SIR को लेकर बड़ा संदेश देने वाली हैं।
इसके बाद राजनीतिक माहौल और गर्म होने की संभावना है।
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ड्राफ्ट सूची के बाद होगी असल तस्वीर साफ
फिलहाल गणना फॉर्म जमा होने की प्रक्रिया चल रही है।
किसके नाम हटे और किनके जुड़े—इसकी वास्तविक जानकारी
ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी होने के बाद मिलेगी।
पर शुरुआती रुझान बताते हैं कि
मुस्लिम बहुल और सीमावर्ती इलाकों में SIR प्रक्रिया सबसे तेजी से आगे बढ़ रही है।
