
भारत के सुप्रीम कोर्ट ने आज कहा है कि केवल लाभार्थियों को मुफ्त योजनाएँ देना ही लक्ष्य नहीं होना चाहिए, बल्कि रोजगार सृजन और कौशल विकास पर ज़्यादा ध्यान देना चाहिए। शीर्ष न्यायालय ने यह टिप्पणी सरकारी नीतियों की समीक्षा के दौरान दी, जिसमें कहा गया कि मुफ्त योजनाओं पर निर्भरता देश की युवाओं को आत्मनिर्भर बनने से रोक सकती है।
सुप्रीम कोर्ट की अहम टिप्पणियां: https://instantvarta.com/%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a5%8d%e0%a4%b2%e0%a5%80-%e0%a4%8f%e0%a4%a8%e0%a4%b8%e0%a5%80%e0%a4%86%e0%a4%b0-%e0%a4%aa%e0%a5%81%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a5%80-%e0%a4%a1%e0%a5%80%e0%a4%9c/
कोर्ट ने यह भी सुझाव दिया कि रोजगार उत्पन्न करने वाली नीतियाँ विकसित की जानी चाहिए, ताकि देश के युवाओं को स्थायी रोज़गार के अवसर मिलें। न्यायालय ने कहा कि तकनीकी और व्यावसायिक कौशल विकास पर ज़ोर देना ज़रूरी है, जिससे लोग वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर बन सकें।
