
गाजियाबाद: यूजीसी के नए नियम को लेकर हर तरफ रार मची हुई है। जातिगत भेदभाव रोकने के उद्देश्य से यह रेगुलेशन 15 जनवरी 2026 से देश के सभी उच्च शिक्षण संस्थानों में लागू हो गया है। देश की अगड़ी जातियों के लोग इस बिल का विरोध कर रहे हैं। इस कड़ी में अब मशहूर कवि कुमार विश्वास का नाम भी शामिल हो गया है।
उन्होंने मंगलवार को अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक कविता के माध्यम से अपने मन में चल रही भावनाओं को व्यक्त किया। कुमार विश्वास ने लिखा है- ‘चाहे तिल लो या ताड़ लो राजा, राई लो या पहाड़ लो राजा, मैं अभागा ‘सवर्ण’ हूं मेरा रौंया-रौंया उखाड़ लो राजा।’ रमेश रंजन की इस कविता के माध्यम से कुमार विश्वास ने सरकार ने यूजीसी के नए नियम को वापस लेने की मांग उठा दी है।
