उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य कर्मचारियों के लिए बड़ा आदेश जारी किया है। यह आदेश सीधे प्रमोशन और भविष्य की पोस्टिंग को प्रभावित करेगा।
सरकार ने साफ कहा है कि 31 जनवरी तक निर्धारित कार्य पूरा न करने वाले कर्मचारियों का प्रमोशन रोक दिया जाएगा।

सरकारी विभागों में यह निर्देश तेजी से भेजे जा रहे हैं। आदेश का मुख्य उद्देश्य फाइलों को डिजिटाइज करना, लंबित सत्यापन पूरा करना और विभागीय रिकॉर्ड को अपडेट करना बताया जा रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, कई विभागों में कर्मचारियों ने अभी तक अपनी सेवा पुस्तिका, एसीआर/एपीएआर और ऑनलाइन प्रोफाइल अपडेट नहीं की है। सरकार ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए नई समयसीमा तय की है।
सरकारी नोटिस में लिखा है कि जो कर्मचारी समय पर प्रक्रिया पूरी नहीं करेंगे, उनका प्रमोशन अपने-आप होल्ड पर चला जाएगा। इसे बाद में भी आसानी से बहाल नहीं किया जाएगा। इसके लिए दोबारा पूरी रिपोर्टिंग और जांच होगी।
अधिकारियों का कहना है कि ‘ई-गवर्नेंस’ मॉडल लागू करने के लिए रिकॉर्ड अपडेट होना जरूरी है। कई जिलों से शिकायतें आई थीं कि कर्मचारी वर्षों से अपनी एसीआर अपडेट नहीं कर रहे थे। इससे विभागीय कार्यवाही और प्रमोशन अटक जाते थे।
नई गाइडलाइन के तहत हर कर्मचारी को अपनी जानकारी पोर्टल पर अपलोड करनी है। जिनके दस्तावेजों में समस्या है, उन्हें 31 जनवरी से पहले ठीक कराना होगा।
सरकार का यह आदेश अब पूरे यूपी में चर्चा का विषय बन गया है। कई कर्मचारी इसे कड़ा कदम बता रहे हैं, जबकि कई इसे जरूरी सुधार मान रहे हैं।
विभागीय अधिकारियों ने कहा है कि इस बार ढिलाई बर्दाश्त नहीं होगी।
उत्तर प्रदेश की और खबरों के लिए यहाँ क्लिक करें click here
कर्मचारियों को ईमेल, नोटिस और व्हाट्सऐप ग्रुप्स के माध्यम से लगातार याद दिलाया जा रहा है।
यदि आदेश का पालन नहीं हुआ तो संबंधित कर्मचारियों को अगले प्रमोशन चक्र का इंतजार करना पड़ेगा।
