उत्तर प्रदेश में की समय सीमा बढ़ा दी गई है। अब नागरिक 31 दिसंबर तक इसमें अपना नाम जोड़ सकेंगे, सुधार कर सकेंगे या त्रुटियाँ दुरुस्त कर पाएंगे। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने यह प्रस्ताव आयोग को भेजा था। उसके बाद चुनाव आयोग ने इस पर सहमति जताई। यह फैसला उन लोगों के लिए राहत है, जिन्हें पहले तय समय सीमा में आवेदन करने में परेशानी हुई थी।

चुनाव आयोग की तरफ से कहा गया है कि सभी जिलों में जागरूकता अभियान तेज किया जाए। बूथ लेवल अधिकारियों को आदेश दिए गए हैं कि वे घर-घर जाकर फ़ॉर्म भरवाएं और दस्तावेज़ों की जांच करें। आयोग चाहता है कि अंतिम सूची में किसी भी योग्य नागरिक का नाम छूटे नहीं।
राज्य सरकार के अनुसार, यह कदम चुनावी पारदर्शिता और मतदाता भागीदारी बढ़ाने के लिए उठाया गया है। कई जिलों में फ़ॉर्म जमा करने की संख्या अचानक बढ़ गई थी, जिसकी वजह से तकनीकी दबाव भी बढ़ रहा था। नई समय सीमा से यह दिक्कत कम होगी।
जिन लोगों ने अब तक अपना नाम मतदाता सूची में नहीं जुड़वाया, उन्हें अब बड़ा मौका मिला है। छात्र, नए मतदाता और दूसरे राज्य से लौटे लोग इस फैसले से सबसे ज्यादा लाभान्वित होंगे। आयोग ने यह भी कहा है कि सभी जिलाधिकारी अपने क्षेत्रों में समीक्षा बैठकें करें, ताकि प्रक्रिया सुचारू चल सके।
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इसी बीच, डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी भारी ट्रैफिक देखा जा रहा है। आयोग ने ऑनलाइन प्रक्रिया को और तेज करने के निर्देश दिए हैं। अब उम्मीद है कि अंतिम मतदाता सूची अधिक सटीक और व्यापक होगी
