संसद में आज ‘वंदे मातरम’ को लेकर बड़ा राजनीतिक माहौल बनने वाला है।
SIR विवाद के बीच यह मुद्दा और भी संवेदनशील हो गया है।
दोनों सदनों में इस पर 10 घंटे की विशेष चर्चा तय की गई है।
सरकार ने इसे “राष्ट्रीय महत्व की बहस” बताया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इस चर्चा में हिस्सा लेंगे।
उनकी मौजूदगी के कारण विपक्ष भी रणनीति तय करने में जुटा है।
संसद में आज वंदे मातरम के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और राष्ट्रीय महत्व पर बहस होगी।
सदस्य इससे जुड़ी परंपराओं, विवादों और वर्तमान सियासत पर बोलेंगे।
सत्ता पक्ष चर्चा को “राष्ट्र गौरव” से जोड़ रहा है।
विपक्ष “राजनीतिक एजेंडा” का आरोप लगा रहा है।
पिछले कुछ दिनों से SIR शब्द को लेकर भारी राजनीतिक टकराव चल रहा है।
कई नेताओं के बयान वायरल हुए।
सोशल मीडिया पर लगातार बहस रही।
इसी बीच सरकार ने वंदे मातरम पर लंबी चर्चा का प्रस्ताव लाया।
राजनीतिक गलियारों में इसे “संदेश” देने की कोशिश माना जा रहा है।
प्रधानमंत्री पूरा वक्त सदन में नहीं रहते।
ऐसे में उनका शामिल होना इस चर्चा को खास बना देता है।
यह संकेत है कि सरकार इस मुद्दे को बड़ा मान रही है।
विपक्ष ने बैठक कर रणनीति तय की है।
कुछ दल इसे “लोकसभा चुनाव 2029 का बैकग्राउंड सेट करने” जैसा बता रहे हैं।
कई पार्टियों ने कहा— चर्चा हो, पर “एकपक्षीय स्वर” न हो।
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चर्चा आज सुबह शुरू होगी।
अंत में सरकार अपनी बात रखेगी।
विपक्ष रिप्लाई देगा।
हंगामे की भी संभावना है।
