पश्चिम बंगाल में ‘SIR’ नाम के वायरल डर ने बड़ा हड़कंप मचा दिया है। अलग-अलग जिलों से कुल 39 मौतों की खबर सामने आई है। लोग दहशत में हैं। कई जगह अफवाहों के चलते हालात बिगड़ते दिखे।

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इन घटनाओं को “अनावश्यक पैनिक” बताया। उन्होंने कहा कि मौतों के पीछे बीमारी नहीं, बल्कि डर और गलत जानकारी जिम्मेदार है। उन्होंने मृतकों के परिवारों के लिए 2-2 लाख रुपये आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है।
ममता ने कहा कि राज्य सरकार हर जिले में जागरूकता अभियान चलाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री ने लोगों से शांति बनाए रखने और मेडिकल रिपोर्ट पर भरोसा करने की अपील की।
स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि कई लोगों ने घबराहट में अपनी सेहत को नजरअंदाज किया। समय पर इलाज न मिलने के कारण हालात बिगड़े। डॉक्टरों का कहना है कि ‘SIR’ को लेकर सोशल मीडिया में गलत सूचनाएं तेजी से फैल रही हैं।
ममता बनर्जी ने कहा कि राज्य सरकार मृतकों के परिवारों के साथ खड़ी है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि केंद्रीय एजेंसियों से मिली रिपोर्ट में किसी बड़े संक्रमण की पुष्टि नहीं हुई है।
बीते तीन दिनों में कोलकाता, उत्तर 24 परगना, हावड़ा और मुर्शिदाबाद से सबसे ज्यादा मौतें रिपोर्ट हुईं। कई इलाकों में लोग दहशत में घरों से बाहर नहीं निकले। प्रशासन ने अब समुदाय-स्तरीय हेल्थ टीम तैनात कर दी है।
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सरकार ने स्पष्ट किया है कि स्थिति नियंत्रण में है। मेडिकल टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं। लेकिन सोशल मीडिया पर फैल रही गलत जानकारी अभी भी चिंता का विषय है।
इस घटना ने राज्य में पैनिक मैनेजमेंट और अफवाहों की ताकत पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।
